भिलाई :लोगों की मजबूरी का फायदा उठा आपदा को अवसर बना रहे व्यापारी, ज्यादा क़ीमत पर बेच रहे सब्जी

भिलाई 18 नंबर पेट्रोल पंप के पास खींची गई तस्वीर

भिलाई: कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लाकडाउन को कुछ व्यापारी अवसर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। मनाही होने के बाद भी कुछ व्यापारी सब्जी बेच रहे हैं। खास बात ये है कि वे लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर दोगुने से ज्यादा कीमत पर सब्जी बेच रहे हैं। 12 दिनों से बाजार न खुलने के कारण लोगों के घर पर सब्जी खत्म हो चुकी है। लिहाजा वे भी मजबूरी में ज्यादा कीमत पर सब्जी खरीद रहे हैं। कालाबाजारी में सिर्फ चिल्हर या फेरीवालों की ही भूमिका नहीं है। बाड़ी वाले भी उन्हें ज्यादा कीमत पर सब्जी बेच रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते कलेक्टर डा. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने जिले में छह अप्रैल से नौ दिनों का लाकडाउन लगाया था।

हॉउसिंग बोर्ड गुरूद्वारे के पास खींची गई तस्वीर

लेकिन, इस अवधि में भी कोरोना संक्रमितों के आंकड़ों में कोई खास कमी नहीं आई। लिहाजा लाकडाउन की अवधि को पांच दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया। नौ दिनों के लाकडाउन की घोषणा के पहले लोगों ने अपनी जरूरत के हिसाब से राशन और सब्जी खरीदकर रख ली थी। लेकिन अब कई लोगों के यहां वो स्टाक खत्म होता जा रहा है। कुछ फेरीवाले देहात से सब्जी लाकर बेच रहे हैं। लेकिन, वे भी इसकी ज्यादा कीमत ले रहे हैं। घूम-घूमकर ठेले से सब्जी का व्यापार करने वाले हर सब्जी का दो से तीन गुना तक कीमत वसूल कर रहे हैं।

20 रुपये की भिंडी 40, गोभी 50 रुपये

यहां उल्लेखनीय है कि लाकडाउन के पहले हरी सब्जियों की कीमत काफी कम थी। जैसे भिंडी 10 से 20 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। लेकिन, अभी व्यापारी उसे 40 रुपये प्रति किलो बेच रहे हैं। इसी तरह से 15 से 20 रुपये किलो बिकने वाली गोभी की कीमत अभी 50 रुपये हो गई है। लौकी 20 रुपये किलो बेचा जा रहा है। जबकि लाकडाउन के पहले ये पांच रुपये किलो बिका है। मौके का फायदा उठाने वाले नींबू की भी जमकर कालाबाजारी कर रहे हैं। दो रुपये में बिकने वाले नींबू को 10 रुपये में बेचा जा रहा है।

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