दुर्ग: कृषि मंत्री के क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहा अवैध मुरुम खनन रॉयल्टी के नाम पर मानक की उड़ा रहे धज्जिया मुरुम माफियाओं को मिला खनिज विभाग का खुला संरक्षण?

सेमरिया

विस्तार

दुर्ग:जिले में मुरुम माफियाओं का बेखौफ होकर मुरुम चोरी करने का मामला सामने आ रहा है। माफियाओं द्वारा कहीं से भी मशीन लगाकार मुरुम की चोरी कर सडक़ निर्माण व अन्य जगहों पर खपाया जा रहा है। माफियाओं को खनिज विभाग के अलावा शासन-प्रशासन का खुला सरंक्षण मिला हुआ है। इसकी वजह से इन लोगों पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले के कई क्षेत्रों में पीडब्लयूडी, एडीबी, प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत कई जगहों पर सडक़ों का निर्माण हो रहा है। निर्माण कार्यों में ठेकेदारों द्वारा चोरी के मुरुम का इस्तेमाल किया जा रहा है। बावजूद इसके खनिज विभाग द्वारा चोरी के मुरुम इस्तेमाल करने वालों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है।

ताज़ा मामला प्रदेश के कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे के क्षेत्र धमधा के गांव लिटिया सेमरिया का है, जहां पर परिवहन के अनुमति के नाम पर बड़ी-बड़ी मशिनों के जरिए लगातार मुरुम खुदाई कि जा रही हैं। और मानक को ताख पर रख कर अवैध तरीके से 6 फिट से भी ज्यादा की खुदाई की जा चुकी है जानकारी के मुताबिक खनन विभाग के अधिकारीयों के द्वारा ग्राम सेमरिया में मुरुम परिवहन की अनुमति प्रदान की गई है लेकिन परिवहन कर्ता पवार ट्रेडर्स के द्वारा जेसीबी और पोकलेन मशीनों के माध्यमों के द्वारा अवैध रुप से मुरुम की खोदाई की जा रही हैं। अवैध मुरुम खनन का काम जोरों पर चल रहा है। जिले में मुरुम खनन पर अंकुश लगाने में खनिज विभाग नाकाम नजर आ रहा है। जिले के गांवों में जगह-जगह खनन हो रहा है, उसके बाद भी विभाग के जिम्मेदार कार्रवाई से बच रहे हैं। विभाग के उदासीनता के कारण परिवहन का ऑर्डर लेने के बाद परिवहन के साथ खनन का कार्य भी किया जा रहा है। अवैध खनन को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार की काईवाई नहीं करने के कारण भू-माफियाओं के हौसले दिनों दिन बुलंद होते जा रहे है।

रॉयल्टी के नाम पर अवैध गहरी करण

सरकार को डीएमएफ मद में करोड़ोंं का नुकसान

मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुछ छोटे व कुछ बड़े प्रोजेक्ट में सडक़ों का निर्माण हो रहा है। सडक़ों के निर्माण में बेस के लिए जो मुरुम डाला जा रहा है। इसका ठेकेदारों द्वारा खदान का लीज ही नहीं कराया गया है। बिना लीज के ही खदानों से सैंकड़ों ट्रीप मुरुम निकाल कर सडक़ों के निर्माण में खपाया जा रहा है। ठेकेदारों के इस मनमानी से राज्य सरकार को डीएमएफ मद में करोड़ों का नुकसान हो रहा है। बावजूद इसके खनिज अमला नींद में है। जानकारी के अनुसार माफियाओं द्वारा अवैध खनन के बाद मुरुम को क्षेत्रों में चल रहे सडक़ निर्माण में खपाया जा रहा है। बावजूद इसके खनिज विभाग की टीम किसी भी माफिया पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की है। माफियाओं को खनिज विभाग का खुला संरक्षण मिला हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *