भिलाई: पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय को चुनौती देने वाले कांग्रेस नेता धर्मेंद्र यादव को BJP पार्षद पीयूष मिश्रा ने दिया करारा जवाब कहा- “खग की भाषा खग ही जाने” लिख लोढा पढ़ पत्थर “

भिलाई: नगर निगम भिलाई के पूर्व पार्षद पीयूष मिश्रा ने बयान जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता व भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव के भाई धर्मेन्द्र यादव ने भिलाई के टाऊनशिप में लोगों के घरों में आ रहे गंदे पानी के लिए केन्द्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया हैं। साथ हीं भिलाई विधायक के भाई जिन भाजपा नेताओं का नाम लेकर बयान बाजी कर रहे है वह इस कथन को चरिर्ताथ करती है।
“ लिख लोढा पढ़ पत्थर “
“ खुद ही लिखे खुद हे बांचे “
“ खग की भाषा खग ही जाने ”

के रूप में परिभाषित हैं। DY दो भाई आसमान की तरफ देखकर थूकने का का काम कर रहे हैं जो उनके ऊपर ही आकर गिरेगा।
यह बयान इनकी अज्ञांता व जानकारी के आभाव को दर्शाता है, इन्हें यह जानकारी भी नहीं है कि श्रीराम जन्मोत्सव समिति भिलाई विधायक के साथ-साथ बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ भी लगातार प्रदर्शन करती आ रहीं हैं। उन्हें यह ज्ञान होना चाहिए की कोई भी कारखाना या संयंत्र उस राज्य सरकार के अधीन आता है जिस राज्य में वो स्थापित है। तथा उसी राज्य सरकार के द्वारा प्रत्येक जिले में उस संयंत्र के हेल्थ एण्ड सेफ्टी की जिम्मेदार रूप से संचालन के लिए हेल्थ एण्ड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति की जाती हैं।

भिलाई विधायक एवं उनके भाई अपनी पढ़ाई केवल 12 वीं तक ही कर पाये है, जिसके कारण उन्हें इस बात का ज्ञान ही नहीं हैं कि स्नातक अर्थात ग्रेजुएट एवं स्नातकोत्तर अर्थात पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई में 1948 फैक्ट्री एक्ट में स्पष्ट पढ़ाया जाता है कि जिले का फैक्टी ऑफिसर उस जिले का कलेक्टर होगा। एवं हेल्थ एण्ड सेफ्टी ऑफिसर राज्य सरकार के द्वारा नियुक्त किया जायेगा। उन्हें इस बात का भी ज्ञान नहीं है कि उस जिले में स्थापित किसी भी संयंत्र अथवा कारखाने के द्वारा अपने टाऊनशिप एरिया में पानी व बिजली सप्लाई के लिए उसे राज्य सरकार से लाईसेंस लेना पड़ता है। जिसे राज्य सरकार के द्वारा सारे नियम व कानूनों का अवलोकन करने के पश्चात ही दिया जाता है। यह सारी प्रक्रिया राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के अंतर्गत आती है तो क्या भिलाई टाऊनशिप के लोग पीने का पानी मांगने के लिए दिल्ली जायेंगे। और यदि बीएसपी और टाऊनशिप केन्द्र सरकार के अधीन है तो यहां होने वाले विकास कार्यों के पास खड़े होकर फोटो खींचाकर श्रेय लेते समय यह क्यों नहीं बताते की यह केन्द्र सरकार के द्वारा कराया गया हैं, साथ ही केन्द्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना अमृत मिशन के अंतर्गत पूरे भिलाई में जितनी भी बड़ी पानी की टंकी बनी है और पाईप लाईन बिछाई जा रहीं है जिससे लोगों को साफ पानी मिल सके उन टंकियों के ऊपर खड़े होकर विडियों बनाते समय भिलाई की जनता को यह क्यों नहीं बताते कि यह योजना केन्द्र सरकार के द्वारा लाई गई है और इसका पैसा भी केन्द्र सरकार के द्वारा दिया जा रहा हैं।

भिलाई विधायक के द्वारा स्वंय के विधानसभा चुनाव में घुम-घुम कर यह झूठ फैलाया गया कि मुझे चुनाव जीतादो मैं टाऊनशिप के लिए लीज लेकर आउंगा लेकिन आज तक लीज का (ल) भी नहीं ला पाये है। और खुद की जिम्मेदारी से बचने के लिए और अपनी नाकामी छुपाने के लिए लोगों के सामने यह भ्रम फैला रहे हैं कि यहां साफ पानी देना केन्द्र सरकार की जिम्मेदारी है। तो फिर क्या देवेंद्र यादव केवल फोटो खिंचवाने के लिए विधायक बनकर आए हैं। 

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