स्पा मसाज सेंटर बन रहा जिस्मफरोशी का नया ठिकाना,मसाज के नाम पर भिलाई में खुलेआम चल रहा सेक्स रैकेट?

विस्तार
रविकांत मिश्रा:
भिलाई में स्पा सेंटरों में देह व्यापार का काला कारोबार जो कुछ महीने पूर्व ही पुलिस की कार्यवाही के बाद से बंद था। वह फिर से चलने लगा है। बता दे की दुर्ग जिले के भिलाई में ये जिस्मफरोशी का धंधा बड़ी तेजी से अपना पांव पसार रहा है।जिसकी जद में सुपेला,नेहरू नगर, मॉडलटाउन सहित पूरा जिला इसकी चपेट में है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार नेहरू नगर में मुंबई से आए एक युवक के द्वारा ये पूरा काला कारोबार संचालित किया जा रहा है। युवक स्पा की आड़ में कलकत्ता से लड़कियों को लाकर इस काले कारोबार को कुछ स्थानीय लोगो की मदद से बड़ी चालाकी से संचालित कर रहा है।

ऐसे फ़ैल रहा शहर में स्पा का जाल
बहुत ही सामान्य दिखने वाले डिस्प्ले बोर्ड के साथ यह स्पा सेंटर यानी मसाज पार्लर वैसे नहीं होते जैसा बाहर से दिखाई देता हैं अंदर की दुनिया के बारे में अंदाजा लगाना तो दूर कोई यह सोच भी नहीं सकता कि बॉडी मसाज देने के नाम पर इन स्पा सेंटर में जिस्मफरोशी का काला धंधा संचालित होता है। जहां देश के अलग अलग राज्यों से लड़कियों को लाकर इस काले कारोबार में धकेला जा रहा है। बता दे की इस धंधे में ज्यादातर लड़कियां बंगाल के कलकत्ता से लाई जाती है,और उसके बाद स्पा सेंटरो में लाई गई लड़कियों से ये गन्दा काम कराया जा रहा है।

बढ़ रहा सेक्स पैकेज का ट्रेड छत्तीसगढ़ के कई शहरों में यह ट्रेड काफी सालों से बना हुआ है। अपनी परेशानी को दूर करने के लिए बड़े घराने के लोगों ने एक अस्थान चुना था जो कि अब अलग ही रूप ले चुका है। थकान मिटाने के लिए चर्चित स्पा सेंटर अब देह व्यापार का रूप लेता जा रहा है भिलाई दुर्ग के कई स्पा सेंटरों में मसाज के नाम पर सेक्स के अलावा और कई अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है।

धंधे के लिए होता है सोशल मीडिया का इस्तेमाल
जिस्मफरोशी के लिए आजकल सोशल साइट का इस्तेमाल किया जा रहा है। सोशल मीडिया सेक्स रैकेट का सबसे आसान और बड़ा जरिया बन चुका है। देह व्यापार से जुड़े दलाल फेसबुक व्हाट्सएप इंस्टाग्राम ट्यूटर सहित कई सोशल साइट का इस्तेमाल कर रहे हैं। दलाल इसमें ग्राहकों को लड़कियों के फोटो और रेट शेयर करते हैं और इसके बाद ग्राहकों को स्पा सेंटर या किसी और ठिकाने पर बुला लेते हैं।

कैसे बदला जिस्मफरोशी का ट्रेड
दुर्ग भिलाई के हर छोटे बड़े होटलों से लेकर जिस्मफरोशी का धंधा बदनाम गलियों से निकलकर पॉश इलाकों और आलीशान बाजारों तक पहुंच चुका है पुलिस की आंख में धूल झोंकने के लिए दलालों ने अपना तरीका हाईटेक कर लिया है।

नशे के लिए दवा का उपयोग कर होती है जिस्मफरोशी
नशे के रूप में बेहोशी की दवा केटमाइन का उपयोग किया जाने लगा है अभी तक खांसी की दवा या नींद की दवा का इस्तेमाल ही नशे के रूप में किया जाता था।

फाइल फोटो

लेकिन अब केटमाइन का प्रयोग नशा करने वाले युवाओं के बीच लोकप्रिय होता जा रहा है। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि केटमाइन काफी कम लोग ही इसका उपयोग नशे के लिए कर रहे हैं। आमतौर पर पाउडर या टेबलेट का इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता है।केटमाइन देश के बड़े शहरों मुंबई दिल्ली कोलकाता में तो पहले ही पांव पसार चुका है,अब यह छत्तीसगढ़ में भी उपयोग में लाया जाने लगा है। ऐसे स्पा सेंटरों पर पुलिस प्रशासन को प्रभावी कार्रवाई कर तत्काल लगाम लगाने की जरूरत है।

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