सिस्टम का भ्रष्टाचार: 28 करोड़ की लागत से शिवनाथ नदी पर बना पुल 3 वर्षो में ही हुआ धवस्त

दुर्ग: शिवनाथ नदी पर बने पुल का धसना सिस्टम के भ्रष्टाचार तंत्र की कलाई खोलता है। बता दे की महज 3 साल पहले ही इस पुल का निर्माण किया गया था जिसमे जमकर भ्रष्टाचार हुई जिसकी कहानी ये धवस्त पुल खुद ही बया कर रहा है। जानकारी के मुताबिक मंगलवार की रात पुल का एक छोर अचानक धस गया जिसके बाद वहा आसपास के लोग इकठे होने लगे और इसकी जानकरी प्रशासन को दी गईं जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पुल पर हो रहे आवागमन को रोक दिया गया हालांकि गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन सिस्टम के भ्रष्टाचार की पोल खुल गई। बता दे कि दुर्ग जिले के शिवनाथ नदी के ऊपर बनाया गया है। जो वर्तमान में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इस मामले पर जहां एक तरफ प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर आ गया है तो वहीं दूसरी तरफ इस पर लोगों द्वारा पुल निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे है।पुल का 3 साल मे ही धवस्त होना कई सवालों को जन्म देता है?पुल निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई जिसके कारण 3 वर्षों में ही भ्रष्टाचार की पोल खुल गई और शिवनाथ नदी पर बना पुल एक हिस्सा 3 फीट धस गया। सूचना मिलने पर सेतु निर्माण के अधिकारी मुआयना करने में जुट गए हैं।

28 करोड़ों में बना पुल नहीं झेल सका 24 घंटे की बारिश का बहाव
बताया जा रहा है कि सेतु निर्माण विभाग ने 28 करोड़ रुपए की लागत से पुल बनाया है। 24 घंटे से बारिश हो रही थी जिसके कारण शिवनाथ नदी उफान पर था। आसपास के इलाकों के रास्ते बंद हो गए थे। तभी दुर्ग राजनांदगांव को जोड़ने वाली पुल लोगों के लिए मददगार बन रही थी तभी शिवनाथ नदी के ऊपर से पुल का करीब 20 से 25 फीट का हिस्सा करीब 3 फिट तक धस गया है। जानकारी मिलने पर आनन फानन मे प्रशासन द्वारा पुल पर आवागमन पूरी तरीके से बंद कर दिया गया।

लोगों में नाराजगी
दुर्ग शिवनाथ नदी के ऊपर बने पुल क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्ग से राजनांदगांव जोड़ने वाली पुल पर आवागमन मे खासी परेशानी होती है ऐसे में यह पुल उनके लिए बड़ा मददगार साबित होता था। लेकिन इनमें किस हद तक भ्रष्टाचार किया गया है कि पुल 3 वर्ष में ही धस गया।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
मामले को लेकर जिम्मेदारों ने कहा कि पुल के शुरुआत का हिस्सा धंसा है इसकी मरम्मत की जाएगी पूल में कोई खराबी नहीं आई है वही रायपुर से उच्च विभागीय अधिकारी का कहना है कि मौके का निरीक्षण करने के बाद सेतु निर्माण व ठेकेदारों को अवगत कराया जाएगा जांच में खामी सामने आने पर सम्बंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

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