आईएचएसडीपी और अटल आवास के मकानो में 1828 लोगों को किराए पर रहते पकड़ा,3 साल बाद भी नहीं कर सके बेदखल

भिलाई: नगर निगम की आवासीय योजनाओं में 1828 लोगों ने कब्जा जमा रखा है। तीन वर्ष पहले निगम द्वारा कराए डोर टू डोर सर्वे इसका खुलासा हुआ। उस दौरान उन्हें बेदखल करने के तमाम प्रयास किए गए। नहीं कर पाने की वजह से इन्हीं कब्जेधारियों को ही आवासों का आवंटन करने की प्रक्रिया शुरू की गई। लेकिन अब तक निगम अधिकारी आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके हैं।

गरीब लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए मकसद से निगम ने आईएचएसडीपी, वाम्बे आवास, रैश्ने आवास और अटल आवास योजना के तहत कुल 3456 आवासों का निर्माण कराया गया। लॉटरी सिस्टम के माध्यम से ज़रुरतमंद लोगों को सभी आवासों का आवंटन भी किया गया। लेकिन काफी संख्या में लोगों ने आवासों में स्वयं aनिवास करने की जगह उन्हें किराए पर दे दिया। इसके चलते ऐसे लोगों की संख्या जानने निगम ने सर्वे कार्य शुरू कराया। 1828 आवासों में किराएदार रहने की जानकारी मिली। इसके चलते निगम ने इन आवासों के मूल हितग्राहियों के आवंटन को रद्द कर दिया। इसके बाद निगम ने इन्हीं लोगों को आवास आवंटन के प्रक्रिया शुरू की।
मकान किराए पर देने के अलावा दूसरों बेच भी दिए
Aयोजना के आवासों में मूल आवंटियों की जगह अन्य रहने वाले लोगों की संख्या जानने aनिगम ने वर्ष 2019 में डोर टू डोर का सर्वे काम शुरू किया। इसके तहत आईएचएसडीपी आवास में 419, वाम्बे आवास में 1038, रैश्ने आवास योजना में 195 और अटल आवास योजना में 176 लोगों की जानकारी मिली। इसमें करीब 100 से ज्यादा ऐसे आवास भी मिले, जहां मूल आवंटन पाने वाले हितग्राहियों ने अपने मकान को बेच दिया था।

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